Department Details

Department of Hindi

1)    दवंगे, एम (2020). माना कि अँधेरा घना है, पर दिया जलाना कहां माना है . जागल्या, 3 .
2)    दवंगे, एम. (2019). हमारी भी सुनो . शोध संदर्श, 23 (07), 333-338 . ISSN(print/online): 2319-5908.
3)    दवंगे, एम. (2019). क्या आपके भीतर भी छिपा है कोई 'आदमखोर'. समीचीन पत्रिका, 12 (22), 100-107. ISSN(print/online): 2250-2335.
4)    दवंगे, एम. (2019). सोशल मीडिया और राजनीति . शब्दसृष्टी, 07 (07), 31 -33 .
5)    दवंगे, एम (2019). 'धीमी धीमी आंच' की अनूठी दुनिया . शोध श्री, 33 (4 ), 50-56. Google Scholar Citations: , ISSN(print/online): 2277-5587.
6)    दवंगे, एम. (2019). फ़ांस की ओर बढ़ते कदम . शोध धारा, 4 (55), 53-59 . ISSN(print/online): 0975-3664.
7)    दवंगे, एम. (2018). स्त्री विमर्श की दहलीज को लाँघता हिंदी महिला लेखन . युध्यरत आम आदमी, ISSN(print/online): 2320-0359.
8)    दवंगे, एम. (2018). अपनी हरियाली की स्मृति में दम तोड़ते किसान . धारा और धारणा, (03 ), 76 -83 .
9)    दवंगे, एम. (2018). तीसरी दुनिया का यथार्थ . शोध दिशा, 43 (43), 244-248 . ISSN(print/online): 0975-735X, URL/DOI: http://kavitakosh.org/kk/otherapps/sajha-manch/?m=0B4Y8h_F9o-nVRXhLa1IwVWVVQnFOcUg0MGowVGYzZDhCbzdV&patrika=shodhank
10)    दवंगे, एम (2017). क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले. दलित अस्मिता, ISSN(print/online): 2278-8077.
11)    दवंगे, एम (2017). बेगुनाही की सजा कब तक . युध्यरत आम आदमी, ISSN(print/online): 2320-0359.
12)    दवंगे, एम (2017). नहीं हूँ किसी का भी प्रिय कवि मै . युगांतर, ISSN(print/online): 2320-2467.
13)    दवंगे, एम. (2016). वॉरेन हेस्टिंग्स का साँड: एक मूल्यांकन. अनुराग सरिता, ISSN(print/online): 2229-3000.
14)    दवंगे, एम. (2014). स्वतंत्र अस्तित्व की पहचान: शाल्मली. संकल्य,
15)    दवंगे, एम.आर. (2012). 'बुतखाना' कहानी संग्रह में सामाजिक संवेदना. संकल्य,
16)    भालेराव, व्ही.एन. (2012). रेहन पर पत्नी. बयान,
17)    दवंगे, एम.आर. (2011). नागार्जुन के साहित्य में जनवादी चेतना. राष्ट्रवाणी,
18)    भालेराव, वि. न. (2011). घनचक्कर में (कविता में). राष्ट्रवाणी, 40.
19)    भालेराव, वि. न. (2011). उत्तरशती की प्रगतिशील दलित कहानी. संचारिका, .