Journal Articles
| 8491) | कप्तान, संजय (2012). काईझेन: जपानी वियस्थांची पारंपरिक शैली. वाणिज्य विद्या,
१ (३),
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| 8492) | कप्तान, संजय (2012). गुणवत्ता: जपानकडं जगाला लाभलेली कार्यसंकृती. वाणिज्य विद्या,
१ (१),
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| 8493) | झा, उज्ज्वला (2012). ग्रंथकारम् विणा ग्रंथः. वाक्यार्थभारती,
३, ८५-९६.
ISSN(print/online): 2249-538X.
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| 8494) | रोंगटे, तुकाराम (2012). जंगल आणि आदिवासी. विश्रांती,
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| 8495) | तांबे, श्रुती (2012). नागरी समाजाचे गौडबंगाल. आंदोलन - शाश्वत विकासासाठी,
94-97.
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| 8496) | पळशीकर, सुहास (2012). निरर्थकतेचे राजकारण. परिवर्तनाचा वाटसरू,
११-१८.
ISSN(print/online): 2250-3145.
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| 8497) | नवले, हरिष (2012). पूर्णवाद : काही निरीक्षणे. परामर्श (मराठी),
३४ (१-४), २१-३२.
ISSN(print/online): 2320-4478.
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| 8498) | दवंगे, महेश (2012). 'बुतखाना' कहानी संग्रह में सामाजिक संवेदना. संकल्य,
ISSN(print/online): 2277-9264.
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| 8499) | देवकर, महेश (2012). बौद्ध धर्मातील भक्तिसंकल्पना. Buddhavamsa,
८-१५.
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| 8500) | आवलगावकर, अविनाश (2012). भयग्रस्त पोरकेपणाची अस्वस्थ संध्याकाळ:चंद्रमाधवीचे प्रदेश. विशाखा,
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